Friday, December 30, 2016

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डा०कविता भट्ट

आजीवन पिया को समर्थन लिखूँगी
प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी l

निज आलिंगन से जिसने जीवन सँवारा
प्रेम से तृप्त करके अतृप्त मन को दुलारा l

उसे आशाओं स्वप्नों का दर्पण लिखूँगी
प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी l

प्रणय निवेदन उसका था वो हमारा
न मुखर वासना थी; बस प्रेम प्यारा l

उससे जीवन उजियार हर क्षण लिखूँगी
प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी l

न दिशा थी, न दशा थी जब संघर्ष हारा
विकट-संकट से उसने हमको उस पल उबारा l

उसमें अपनी श्रद्धा का कण-कण लिखूँगी
प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी l

कौन कहता है जग में प्रेम जल है खारा
मुझे तो जग में सदा प्रेम ने ही उबारा

इस जल पे जीवन ये अर्पण लिखूँगी
प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी l
-0-
दर्शन शास्त्र विभाग
हे०न० ब० गढ़वाल विश्वविद्यालय
श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड






20 comments:

  1. प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी..अद्भुत रचना कविता जी बहुत खूब ..हार्दिक बधाई आपको

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  2. कौन कहता है जग में प्रेम जल है खारा
    मुझे तो जग में सदा प्रेम ने ही उबारा।

    कविता जी बहुत प्यारी सी रचना पढ़ने को मिली । यूं ही लिखते रहिए।

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  3. Thank you for every moment that become a wonderful memory of my life and being the enjoyable ,funny ,crying,careful and supportive person with the guts of bared my nonsense talk all time with great counter attack replies that make me feel so wonderful always .
    Thank you for everything Kavitaji

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  4. Bahut sunder shabdon ka sanyojan kiya h hardik badhai kavita ji...

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  5. कौन कहता है जग में प्रेम जल है खारा
    मुझे तो जग में सदा प्रेम ने ही उबारा

    इस जल पे जीवन ये अर्पण लिखूँगी
    प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी ।
    बहुत सुन्दर । कविता जी बधाई लें ।

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  6. कौन कहता है जग में प्रेम जल है खारा
    मुझे तो जग में सदा प्रेम ने ही उबारा

    इस जल पे जीवन ये अर्पण लिखूँगी
    प्रेम को अपना समर्पण लिखूँगी ।
    बहुत सुन्दर । कविता जी बधाई लें ।

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  7. Di apki kvitaen really nice n write h......mn k vicharon ka ye udgm srahniy h.....thankyu di... N god bless u du

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  8. Di ap dwara likhi sbhi kvitaen prshnsniy n pathniy h....thankyu di n god bless u.... Ap ese hi apni lekhni se smaj or desh ki sewa krti rhe.....

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  9. Waw di ..apne bhut hi mst kvitae likhi h.. Apka yh kary sarahniy v orashnsniy h. ...

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  10. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (01-01-2017) को "नूतन वर्ष का अभिनन्दन" (चर्चा अंक-2574) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    नववर्ष 2017 की हार्दिक शुभकामनाओंं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  11. बहुत बढ़िया

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  12. बहुत सुंदर रचना
    एक दूजे के समर्पण का नाम ही प्रेम है
    Happy new year

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  13. Bahut bhavpurn rachnayen meri hardik shubhkamnayen...

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  14. अनुपम ,अति सुनदर भावपूर्ण रचना पर शुभकामनाएं ...

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  15. Really true heart touching lines....
    You are lucky to have that love but i still looking for that love....

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  16. नये साल के शुभ अवसर पर आपको और सभी पाठको को नए साल की कोटि-कोटि शुभकामनायें और बधाईयां। Nice Post ..... Thank you so much!! :) :)

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  17. Kavitajee, Bahot Badhiya. Aise hi Kavitaye Padhne milti rahegi naye saal me yehi Ummid Karta Hu.AAsha hai aap nirntar aise hi sunder rachnaye upload karti rahegi.Nav varsh ki Shubhkamnaye.

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  18. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..हार्दिक बधाई !!

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  19. प्रेम को पूर्ण समर्पित एक बहुत सुन्दर रचना कविता जी ... दिल से बधाई!!!

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  20. प्रेम तो वैसे भी समर्पण का दूसरा नाम है...| बहुत मनमोहक पंक्तियाँ...| मेरी हार्दिक बधाई...|

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