Monday, August 15, 2016

654




वन्दे मातरम्
डॉ योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण

लहराएँ हम आज तिरंगा,
करें राष्ट्र का नित वंदन!
मिलकर बोलें सभी साथियो,
वन्दे, वन्दे मातरम!
जो भारत पर कुर्बान हुए,हम याद करें उन वीरों को!
क्रूर फिरंगी से जूझी जो,उन मतवाली शमशीरों को!!
उन वीरों का जयघोष करें,
कुर्बान हुआ जिनका जीवन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
काश्मीर है मुकुट हमारा,सारी दुनिया को बतला दें!
जो भी आँख उठाए इस पर,नरक उसे हम पहुँचा दें!!,
बतला दें सारी दुनिया को,
है जान से प्यारा हमें वतन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
हम भगत सिंह के वंशज हैं,

है प्राण से प्यारी आज़ादी!
इसके आड़े जो आएगा,उसकी है निश्चित बरबादी!!
आज़ाद तिरंगा लहराएगा,
न्योछावर इस पे हैं तन-मन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
-0-
पूर्व प्राचार्य,74/3,न्यू नेहरु नगर,रूडकी-247667
-0-

                       
                       
                       


13 comments:

  1. माँ भारती को नमन और उसके अमर सपूतों को श्रद्धा सुमन समर्पित करती बहुत सुन्दर रचना !बहुत बधाई आदरणीय !!
    मेरा भी सादर नमन-वंदन ...सभी को स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ | मुझे स्थान देने के लिए हृदय से आभार भैया जी !

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

    ReplyDelete
  2. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई....

    ReplyDelete
  3. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई....

    ReplyDelete
  4. अत्यंत सुंदर गीत ! हार्दिक बधाई डॉ. योगेंद्र नाथ शर्मा 'अरुण' जी एवं प्रिय सखी ज्योत्स्ना जी !
    भारत माँ को नमन ! उसके वीर सपूतों को नमन !
    जय हिन्द!!!

    ~सादर
    अनिता ललित

    ReplyDelete
  5. डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण जी सुंदर गीत,
    ज्योत्स्ना दीदी बहुत सुंदर रचना।
    हार्दिक बधाई।
    जय-हिन्द!

    ReplyDelete
  6. शर्मा जी व ज्योत्स्ना जी को सुंदर रचनाओं हेतु बधाई |

    पुष्पा मेहरा

    ReplyDelete
  7. डा० शर्मा जी, ज्योत्स्ना जी अति सुन्दर रचनाएँ। आप दोनो को बहुत-बहुत बधाई!

    ReplyDelete
  8. डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण जी , ज्योत्स्ना जी अति सुन्दर रचनाएँ।
    आप दोनो को बहुत-बहुत बधाई!
    भारत माँ को नमन !जय-हिन्द!

    ReplyDelete
  9. स्नेहसिक्त प्रतिक्रिया हेतु आप सभी का हृदय से आभार !

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

    ReplyDelete
  10. डॉ.योगिन्द्र नाथ शर्मा अरुण जी बहुत सुंदर गीत।
    ज्योत्स्नाजी हर बार की तरह सुंदर मनमोहक , प्रेरणादायी रचना।
    आप दोनों को हार्दिक बधाई।

    ReplyDelete
  11. bahut khub! sabhi ko badhai...

    ReplyDelete
  12. बहुत सार्थक और सारगर्भित रचनाएँ हैं...| मेरी बधाई...|

    ReplyDelete