Tuesday, November 19, 2013

आँखें




ज्योत्स्ना प्रदीप









1-पिता 

1
तुम्हारे नेत्र 
आँसुओं के लि दो 
वर्जित क्षेत्र ।
2
तुम्हारे चक्षु 
आशीर्वाद दें जैसे 
सात्विक भिक्षु ।
-0-
माँ
1
तेरे नयन 
भरी भीड़ में करें 
मेरा चयन ।
2
तुम्हारे नैन 
बरसात की मानो 
युगल रैन
-0-
3-भाई
1
तेरे लोचन
हैं प्रहरी सजग 
बैरी-सा जग !
2
तेरी निगाहें 
देती सबके बीच 
मौन सलाहें ।
-0-
4-प्रियतम
1
तुम्हारी अक्षि 
चुगे आँसू के मोती
बनके पक्षी ।
2
तुम्हारी आँखें 
भावों -भरी  उड़ान
युगल पाँखें ।
-0-
5-प्रियतमा
1
तुम्हारी दृष्टि 
रच गयी मन में 
हँसती सृष्टि ।
2
सीमन्त रेखा 
फैला अरुणिमा 
तूने जो देखा ।
-0-
6-बेटी
1
तेरी अँखियाँ
पर-पीड़ा को भरें 
चुप से झरें ।
-0-
7-बेटा

ये विलोचन 
भावी सपनों के  हैं
प्रवेश-द्वार
-0-
चित्र:गूगल से साभार

19 comments:

  1. कमाल के हाइकु ज्योत्स्ना प्रदीप जी......हार्दिक बधाई !

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  2. बड़े ही खूबसूरत हाइकु...एकदम सटीक भी...ज्योत्सना जी को बधाई !!

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  3. बहुत ही सुन्‍दर हाइकु मन भावक

    माँ
    1
    तेरे नयन
    भरी भीड़ में करें
    मेरा चयन । हर रिश्‍ते की सच्‍चाई से जुड़ी नयनों का सत्‍य । ज्‍योत्‍सना जी को हार्दिक बधाई।

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  4. सभी हाइकु बेहद सुन्दर। पढ़कर बहुत अच्छा लगा, अलग अलग रिश्तों कि अलग अलग नजर और हर एक के लिए लाजवाब हाइकु। ज्योत्स्ना जी को बधाई।

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  5. पहले दो हाइकु तो अद्भुत हैं अन्य भी बहुत ही सुंदर और प्रभावपूर्ण !

    नैना तुम्हारे
    जले आखर बाती
    साँझ-सकारे ।
    - सुशीला

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  6. रिश्तों की आँखें क्या कुछ कह गई... सभी बहुत सुन्दर, बधाई.

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  7. इन आत्मीय रिश्तों को नज़र में रखते हुए लिखे गए ये हाइकु मन को बहुत भाए...| हार्दिक बधाई...|

    प्रियंका

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बुधवार को (20-11-2013) जिन्दा भारत-रत्न मैं, मैं तो बसूँ विदेश : चर्चा मंच 1435 में "मयंक का कोना" पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  9. बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण हायकू....
    बधाई ज्योत्सना जी.

    अनु

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  10. बहुत ही सुन्दर और बेहतरीन हाइकू
    :-)

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  11. बहुत-बहुत सुंदर!
    इतना सुंदर व सटीक वर्णन वो भी हाइकु के रूप में! बहुत ही बढ़िया!
    बहुत-बहुत बधाई ज्योत्स्ना जी!:-)

    ~सादर
    अनिता ललित

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  12. हिमांशु भाईसाहब, मुझे यहा जगह देने के लिये धन्यवाद l

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  13. सुन्दर चित्रात्मक हाइकु |

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  14. बेहद प्रभावी हाइकु रिश्तों की नज़र पर नज़र किए हैं आपने .......एक से बढ़कर एक हाइकु ...बहुत बधाई ज्योत्स्ना प्रदीप जी |
    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  15. वाह ज्योत्सना जी इसे मैं हाइकु पर एक सम्पूर्ण पोस्ट कहूँगी ....!!

    तेरी अँखियाँ
    पर-पीड़ा को भरें
    चुप से झरें ।
    -0-ये विशेष हाइकु है ...!!बहुत सुंदर .....!!

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  16. achchhe lage haiku sabhi ko badhai...

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  17. Bohot hi badiya haiku jyotsna ji........

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  18. आप सभी ने मेरे लेखन को इतना सराहा .......मैं  सबकी हृदय से आभारी हूँ !!!!!!!!!!

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  19. bhot achha haiku jyotsana ji shri bimla sharmaji dwara banaya gaya chitra or apki kavita dono bot sundar hai.........

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