Tuesday, August 6, 2013

यादों के द्वार

गीत
डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा
रस भरे गीतों की छाई बहार ,
धीरे से खोल गई यादों के द्वार

चूल्हे पे  छोटी-छोटी रोटी पकाना
अम्मा का हौले से देख मुस्कुराना
दादी का प्यार लगे देंगी जग वार
धीरे से खोल गई यादों के द्वार

जीजी से सीख लिया चोटी बनाना
भैया सिखाते थे साइकिल चलाना
दोनों की उतरन में पहना था प्यार
धीरे से खोल गई यादों के द्वार

अँगना में नीम हँसे देहरी पे आम
उमंग भरी ,झूलूँ ,दुपहरी से शाम
कौन घड़ी काट गई सपनों के तार
धीरे से खोल गई यादों के द्वार

भूल गई हँसना भूल गई गीत
रीत गई कैसे जीवन से प्रीत
लो मैंने ताक़ धरीं हसरत हजार
धीरे से खोल गई यादों के द्वार

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20 comments:

  1. यादों के द्वार के भीतर तो सारा जीवन छिपा है।

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  2. बहुत सुन्दर...ये यादों के द्वार से वापस मन के किसी कोने में जाना कई बार बहुत सुखद होता है...|
    सुन्दर गीत के लिए बहुत बधाई...|

    प्रियंका गुप्ता

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  3. Bahut gahan ,sundar abhivaykti...pura bachpan yaad dila diya aapne jo ham kahi kabhi ka dafan kiye baithe hain....bahut 2 badhai...

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  4. jyotsna ji apne savan ki chataon sang bachapan ke jhule par bitha diya. bahut sunder.

    pushpa mehra.

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  5. यादों का सुन्दर झरोखा..

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  6. ताज़ा कर दीं
    बचपन की यादें
    भव्य गीत ने।........ज्योत्स्ना जी बहुत-२ बधाई।

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  7. ras bhare geeton ki chhai bahar,dhire se khol gai yadon ke dwar

    jyotsna sharmaq ji , bahut hi bhaavpurn geet hai.Badhaai

    P{ushpa Mehra

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  8. प्रवीण जी ,प्रियंका जी ,Dr. Bhawna ji ,Maheshwari Kaneri ji , Krishna ji evam Pushpa Mehra ji ..आपकी उत्साह वर्धक उपस्थिति के लिए मैं हृदय से आभारी हूँ |

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  9. "...जीजी से सीख लिया चोटी बनाना / भैया सिखाते थे साइकिल चलाना..." - बहुत सुन्दर...भव्य गीत के लिए ज्योत्स्ना शर्मा जी बहुत- बहुत बधाई !

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  10. यादों के द्वार खोलती बहुत सुन्दर रचना, बधाई.

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  11. वाकई यादें मुझे बचपन में ले गईं .

    बधाई

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  12. ashwani Sharma07 August, 2013 19:24

    Madam ji aap ne to bhav vibhor kar diya.bhut sundar aise hi likhte rahe aap.

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  13. यादों के द्वार से बरसती यादें.... बहुत खूबसूरत!
    बधाई ज्योत्सना जी !

    ~सादर!!!

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  14. aa Subhash chandra Lakhera ji ,Dr. Jenni ji ,Manju Gupta ji ,Ashwini Sharma ji evam Anita ji ...आपके बोल अनमोल हैं मेरे लिए ..बहुत बहुत आभार !
    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  15. दोनों की उतरन में पहना था प्यार ....

    Jyotsana ji...... kitna sakaratmak bana diya aapne is baat ko .... varna to log is baat se dukhi hua karte the ki ham chhote hain is liye hame bas purane kapde hi milte hain .... yah naya pahloo, ye nazariya bahut hi khoobsurat aur pyara laga .....

    saadar

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  16. बहुत ही भावपूर्ण और सुंदर गीत ! बधाई ज्योत्स्ना जी !

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  17. आपकी स्नेहमयी प्रतिक्रिया मेरे लेखन की ऊर्जा है ...ह्रदय से आभार ..Manju Mishra ji evam Sushila ji !

    saadar
    jyotsna sharma

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  18. Dr. Jyotsna, your GEET is the eternal voice of everyone. excellent

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  19. आपका और आपकी लेखनी का जवाब नहीँ बधाई

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  20. बहुत-बहुत आभार Anil Kumar Sharma जी एवं Anil Uphar जी !

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