Friday, November 23, 2012

उदास साँझ


7 comments:

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  2. मन जो भीगा
    उदास सी साँझ में
    मोती बिखरे ।


    बहुत सुंदर हाइगा

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  3. दिल को छू लिया भाई साहब !
    उदास साये,
    धुँधला गयी सांझ...
    कोई सँवारे....
    ~सादर!!!

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  4. ज्योत्स्ना शर्मा24 November, 2012 17:08

    मनमोहक हाइगा.....
    साँझ सखी री
    उतरो जो आँगन
    दीप जला लूँ ..सादर ज्योत्स्ना

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  5. saanjh par bahut khubsurat haiga...bahut2 badhai...

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