Saturday, June 25, 2011

हाइकु-पलाश -फूल



रचना श्रीवास्तव
1

 पलाश -फूल
खिले,घाटियों का

सजा आँगन   



2
रंगे प्रेम में
लालिमा  पलाश की
दोनों ही जून
3
मले हवाएँ
सूरज के गाल पे
टेसू के फूल
4
मौसम बैठे
खटिया, हाथ लिये
पलाश फूल
5
जंगल -आग
है या प्रेम प्रतीक
पलाश फूल
6
धूप छुए जो
पलाश के फूलों को
हो जाये  लाल
7
हवाएँ खेलें
ये गुट्टक पलाश
 के फूलों पर
 


8
टेसू के रंगों
से, सूरज सजाये
माँग रात की ।
-0-

8 comments:

  1. पलाश के फूल जैसी... मन मोहक क्षणिकाएं ...!!

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  2. अनुपमा जी आभार !ये हाइकु हैं 5+7+5=3 ।पंक्तियाँ और 17 वर्ण

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  3. bahut hi sunder palash ke phoolon jaisi man mohak haikuu.bahut achcha laikha hai aapne badhaai.sweekaren.

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  4. बहुत सुन्दर हाईकू ..

    पलाश फ़ूल
    खिल गए सबके
    मन मन में

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  5. पलाश फूल पर रचना जी के ये हाहकु उत्तम हैं।

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  6. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (27-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  7. बहुत सुन्दर..

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  8. PRAKRITIK SAUNDARY KO KAVITA ME ROOPAYIT KARTE SUNDAR HAAIKOO.

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