Friday, February 18, 2011

छाया वसंत


मंजु मिश्रा
1
छाया वसंत
सज गई धरती
उमड़ी प्रीत  
छाया: काम्बोज ,केवि हज़रतपुर
 2
तन झाँझर  
संगीत बनी  धरा  
मन मयूर
 3
उम्र बहकी
जोड़ लिया मन ने
संगी से नाता
4
आकाशी पेड़
हरी भरी धरती
सूर्य पाहुना
 5
हो  हर दिन,
सौगातें साथ लिये
वसंत आए
-0-
मंजु मिश्रा

4 comments:

  1. सभी गहरे अर्थ संप्रेषित करती हैं

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  2. छाया वसंत
    सज गई धरती
    उमड़ी प्रीत
    बहुत सुन्दर हाईकु हैं मंजू जी को बधाई।

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  3. उम्र बहकी
    जोड़ लिया मन ने
    संगी से नाता

    बहुत अच्छे भाव हैं...मेरी बधाई...।

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  4. छाया वसंत
    सज गई धरती
    उमड़ी प्रीत
    बहुत सुन्दर हाईकु ....

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